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कर्नाटकः पबजी को लेकर हुई लड़ाई में 12 बरस के लड़के की हत्या, एक दिन बाद मिला शव


मामले में हत्या का आरोपी 17 साल का नाबालिग है, जिसके साथ छठीं कक्षा में पढ़ने वाला 12 वर्षीय छात्र ऑनलाइन गेम पबजी खेला करता था. (सांकेतिक तस्वीर)

मामले में हत्या का आरोपी 17 साल का नाबालिग है, जिसके साथ छठीं कक्षा में पढ़ने वाला 12 वर्षीय छात्र ऑनलाइन गेम पबजी खेला करता था. (सांकेतिक तस्वीर)

Murder over PUBG: पुलिस कमिश्नर एन शशि कुमार ने कहा, “पबजी के कई संस्करण हो सकते हैं, हमें उनकी पुष्टि करनी होगी. आरोपी की उम्र 17 से 18 साल की है. उसके रिकॉर्ड चेक किए जाएंगे.”

नई दिल्ली. कर्नाटक में मंगलोर के उल्लाल शहर में रविवार की सुबह एक 12 वर्षीय बच्चे का शव बरामद हुआ, इस बच्चे के परिजनों ने शनिवार को गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था, जब उनका बच्चा रात को घर नहीं लौटा. बच्चे का पार्थिव शरीर केले के पत्तों और नारियल के छिलकों से ढंका हुआ था, पुलिस ने रविवार की सुबह 7 बजे शव बरामद किया. शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. मामले में हत्या का आरोपी 17 साल का नाबालिग है, जिसके साथ छठीं कक्षा में पढ़ने वाला 12 वर्षीय छात्र ऑनलाइन गेम पबजी खेला करता था.

पूछताछ के दौरान नाबालिग ने बताया कि बीती रात 9 बजे के करीब हम मिले थे और आमने सामने पबजी गेम खेलना शुरू किया. उसने कहा, “ऐसा इसलिए किया कि क्योंकि ज्यादातर समय जब ऑनलाइन खेलते थे, आरोपी नाबालिग जीत जाता था और छोटा बच्चा उस पर चीटिंग करने का आरोप लगाता था.” आरोपी नाबालिग लड़के के मुताबिक, “तीन महीने पहले, हम फोन की दुकान के पास मिले थे. उसने मुझे कहा था कि तुम जीतने के लिए किसी दूसरे आदमी की मदद ले रहे हो और इसलिए तुम जीत रहे हो. ये चीटिंग है. आओ आमने सामने खेलकर देखते हैं कि कौन जीतता है.”

शनिवार की रात को, जब 12वीं का छात्र हार गया, तो दोनों आपस में लड़ने लगे. नाबालिग किशोर ने बताया कि मृतक किशोर ने पहले उसे धक्का दिया और एक छोटा पत्थर उसके ऊपर मारा. इसके बाद उसने पलटवार करते हुए बड़ा पत्थर उठाकर उसे मारा, जिसके चलते 12 वर्षीय बच्चा घायल हो गया और तेजी से खून बहने लगा. नाबालिग लड़के को समझ नहीं आया कि इस स्थिति में क्या करें, तो उसने घायल बच्चे को रोड के किनारे खींचा और उसी हालत में छोड़कर घर चला गया. मृत बच्चे के परिजनों का कहना है कि वे अपने बच्चे को पबजी खेलने के लिए फोन देते थे. उसके दोस्तों को भी पता था कि वह अपनी उम्र से बड़े लड़कों के साथ पबजी खेलता था.

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम मामले की जांच कर रहे हैं कि कहीं उसने अपने परिजनों को कुछ बताया था कि नहीं, क्या उन्हें किसी चीज के बारे में पता था.” मंगलोर के पुलिस कमिश्नर एन शशि कुमार ने कहा, “पूरा मामला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है और परिजनों को अपने बच्चे की आदतों के बारे में सतर्कता बरतनी चाहिए. उन्हें ट्रैक करना चाहिए. एक गेम को लेकर इस तरह की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है. परिजनों को अपने बच्चों को इस तरह के गेम खेलने से रोकना चाहिए. इस मामले में आरोपी को अस्थायी राहत मिल सकती है. ये ऐसा मामला नहीं है कि कोई बहुत बड़ी दुश्मनी हो या संपत्ति के विवाद का मामला हो. ये पबजी को लेकर बचकानी हरकतें थीं, जिनकी वजह से एक जिंदगी खो गईं.”कुमार ने कहा, “पबजी के कई संस्करण हो सकते हैं, हमें उनकी पुष्टि करनी होगी. आरोपी की उम्र 17 से 18 साल की है. उसके रिकॉर्ड चेक किए जाएंगे. उसके माता पिता का ताल्लुक उत्तर प्रदेश से हैं और कई साल पहले वे यहां बस गए थे. आरोपी चार से पांच भाषाएं बोल सकता है, तीक्ष्ण और तेज बुद्धि वाला है. पूरे मामले की जांच की जाएगी कि आखिर हुआ क्या था.”

उन्होंने कहा, “जब बच्चों को लत लग जाती है या वे किसी गेम के आदी हो जाते हैं, तो परिजनों को ट्रैक करना चाहिए. इस तरह के मामले किसी के भी साथ हो सकते हैं, हमारे बच्चों के साथ हो सकते हैं. इससे पहले ब्लू व्हेल चैलेंज के चलते बच्चों में सुसाइड के मामले आ रहे थे. अब हत्याएं हो रही हैं. युवा जिंदगियां खत्म हो रही हैं, सिर्फ एक गेम के लिए ये दुखद है.”









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