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कांग्रेस नेताओं ने उद्धव ठाकरे से मुलाकात कर न्यूनतम साझा कार्यक्रम की समीक्षा की मांग की


उद्धव से मिले  प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पाटोले और पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चव्हाण भी शामिल थे. फाइल फोटो

उद्धव से मिले प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पाटोले और पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चव्हाण भी शामिल थे. फाइल फोटो

Coronavirus in Maharashtra: कांग्रेस नेताओं ने मुख्यमंत्री से राज्य में राजनीतिक हालात और कोविड-19 से निपटने के लिए किये जा रहे प्रबंधों पर भी चर्चा की.

मुंबई. कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) से शनिवार को मुंबई में मुलाकात की और न्यूनतम साझा कार्यक्रम (सीएमपी) के कार्यान्वयन की समीक्षा करने की मांग की, जिसके आधार पर नवंबर 2019 में शिवसेना के नेतृत्व में महा विकास आघाड़ी (MVA) गठबंधन बना था. राजस्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट (Balasaheb Thorat) ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव एच के पाटिल ने किया. इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से राज्य में राजनीतिक हालात और कोविड-19 से निपटने के लिए किये जा रहे प्रबंधों पर भी चर्चा की.

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से कहा कि सभी फैसले एमवीए के घटक दलों द्वारा सर्वसम्मति से लिये जाएं. मुंबई पुलिस के पूर्व प्रमुख परमबीर सिंह द्वारा राज्य के गृह मंत्री एवं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) नेता अनिल देशमुख के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाये जाने के बाद एमवीए विवादों में घिर गया है. विपक्षी भाजपा ने राज्य सरकार पर महामारी से प्रभावी तरीके से निपटने में विफल रहने का आरोप लगाया और पुलिस अधिकारियों के तबादले में भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया.

थोराट ने कहा, ‘‘एच के पाटिल ने पहली बार उद्धव ठाकरे से मुलाकात की. बैठक मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर हुई जो एक घंटा चली. बैठक सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई.’’ उन्होंने बताया कि बैठक में ठाकरे से कहा गया कि एमवीए के नेतृत्व वाली सरकार के गठन का एक साल हो चुका है और अब सीएमपी के कार्यान्वयन की समीक्षा की जरूरत है. प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष नाना पाटोले और पीडब्ल्यूडी मंत्री अशोक चव्हाण भी शामिल थे.

थोराट ने कहा, ‘‘हमने मुख्यमंत्री को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के लिखे पत्र की भी याद दिलायी, जिसमें गरीब आदिवासियों के लिए कल्याण योजना के मद में बजटीय आवंटन का जिक्र किया गया था.’’ शिवसेना नेता संजय राउत के बयान के बाद एमवीए के घटक दलों में फूट की खबरें आ रही हैं. राज्य में कांग्रेस नेता इससे काफी नाराज हैं. राउत ने हाल में कहा था कि शरद पवार को संप्रग का नेतृत्व करना चाहिए.

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में देशमुख को ‘‘दुर्घटनावश निर्वाचित गृहमंत्री’’ बताया गया है.









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