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टीम बढ़ाने की तैयारी में Axis My India, डेटा साइंटिस्ट के रोल के लिए IITians की तलाश


Axis My India के चेयरमैन और फाउंडिंग डायरेक्टर प्रदीप गुप्ता. (तस्वीर-प्रदीप गुप्ता की फेसबुक वॉल से साभार)

Axis My India के चेयरमैन और फाउंडिंग डायरेक्टर प्रदीप गुप्ता. (तस्वीर-प्रदीप गुप्ता की फेसबुक वॉल से साभार)

कंपनी ने डेटा साइंटिस्ट के रोल के लिए 45-50 आईआईटी पास आउट को हायर करने की योजना बनाई है. वर्ष 2021 के लिए कंपनी ने ‘मिशन हिमालय-ऊंची उड़ान’ नाम का लक्ष्य रखा है. इस मिशन के तहत कंपनी देश के साढ़े 22 करोड़ परिवारों से डिजिटल रूप से जुड़ेगी और उनकी परेशानियों के समाधान की कोशिश करेगी.

नई दिल्ली. चुनावी विश्लेषण के लिए मशहूर कंपनी Axis My India अपनी टीम बड़ी करने की तैयारी कर रही है. इसी क्रम में कंपनी ने डेटा साइंटिस्ट के रोल के लिए 45-50 आईआईटी पास आउट को हायर करने की योजना बनाई है. वर्ष 2021 के लिए कंपनी ने ‘मिशन हिमालय-ऊंची उड़ान’ नाम का लक्ष्य रखा है. इस मिशन के तहत कंपनी देश के साढ़े 22 करोड़ परिवारों से डिजिटल रूप से जुड़ेगी और उनकी परेशानियों के समाधान की कोशिश करेगी.

इकोनॉमिक टाइम्स पर प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप गुप्ता का कहना है-इस टास्क को पूरा करने के लिए हम हर स्तर पर अपनी टीम बढ़ाएंगे. इनमें 45-50 आईआईटी पासआउट की हायरिंग भी शामिल है. हम इस संख्या को अगले 3 से 5 वर्षों में 75-100 तक लेकर जाने की तैयारी कर रहे हैं. हालांकि इसमें मार्केट सेंटिमेंट, मार्केट में अवसर और तकनीकी बाधाओं जैसे फैक्टर भी जिम्मेदार होंगे.

इस वक्त दफ्तर और ग्राउंड में मौजूद करीब 1000 कर्चमारी
कंपनी के चार महत्वपूर्ण रोल हैं-तकनीक और डेटा एनालिसिस, क्वालिटी कंट्रोल और एस्योरेंस, डेटा कलेक्शन एजेंट्स और सेंट्रलाइज्ड ऑपरेटिंग मैनेजर. वर्तमान में कंपनी के पास 300 से ज्यादा कर्माचारी हैं. फील्ड पर करीब 700 से ज्यादा फुल टाइम सर्वेकर्ता हैं. प्रदीप गुप्ता का कहना है कि ग्राउंड और प्रोजेक्ट टीम को मजबूत करने के अलावा हमने CXO यानी कंज्युमर एक्सपीरियंस ऑफिसर टीम को भी मजबूत किया है.क्यों आईआईटी और एनआईटी पासआउट की है जरूरत

आईआईटी और एनआईटी पासआउट को हायर करने के सवाल पर गुप्ता ने कहा-हमें सिर्फ सिर्फ डेटा पर ध्यान देने वाले और अच्छा विश्लेषण करने वाले ही नहीं चाहिए बल्कि ऐसे लोग भी चाहिए जो सामाजिक-सांस्कृतिक जटिलता को प्रदर्शित करने वाले डेटा की भी एनालिसिस कर सकें. उन्होंने कहा कि हमें ऐसे कैंडिडेट्स चाहिए जो उस वक्त भी सटीक काम कर सकें जब टास्क आसान न हो. आईआईटी और एनआईटी के छात्रों के पास न सिर्फ तकनीकी दक्षता होती है बल्कि वो अलग-अलग सामाजिक बैकग्राउंड से भी होते हैं. इससे संस्थान को मदद मिलेगी.









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