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तस्वीरेंः महाराष्ट्र में कोरोना से हालात बेकाबू, एक ही बिस्तर पर दो-दो मरीज


नागपुर के जीएमसी अस्पताल में  एक ही बिस्तर पर दो-दो मरीज दिखाई दे रहे हैं. ANI

नागपुर के जीएमसी अस्पताल में एक ही बिस्तर पर दो-दो मरीज दिखाई दे रहे हैं. ANI

Coronavirus in Maharashtra: ANI ने नागपुर के जीएमसी अस्पताल की तस्वीरें साझा की हैं, जिसमें एक ही बेड पर दो-दो मरीज दिखाई दे रहे हैं.

नई दिल्ली. महाराष्ट्र में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के चलते हालात बेकाबू होते जा रहे हैं. राज्य के अस्पतालों की स्थिति बिगड़ती जा रही है, जिसमें कोरोना मरीजों को अस्पताल में एक ही बेड शेयर कर करना पड़ रहा है. ANI ने नागपुर के जीएमसी अस्पताल (Nagpurs GMC Hospital) की तस्वीरें साझा की हैं, जिसमें एक ही बेड पर दो-दो मरीज दिखाई दे रहे हैं. अस्पताल के डॉक्टर और मेडिकल सुपरिटेंडेंट अविनाश वी. गवांडे ने कहा कि ऐसा इसलिए हो रहा है कि ना केवल शहरों के बल्कि ग्रामीण इलाकों के मरीज भी आ रहे हैं. इसके साथ ही छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) और मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) से भी मरीज आ रहे हैं, जिसकी वजह से लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है और अस्पतालों में व्यवस्था पर दबाव बढ़ रहा है.

नागपुर का जीएमसी अस्पताल, मरीजों और उनके परिजन. ANI

नागपुर के जीएमसी अस्पताल में एक बिस्तर पर दो मरीज. ANI

गवांडे ने कहा कि ओपीडी में 50 से 60 फीसदी की क्षमता है, लेकिन हम मरीजों को इंतजार करते हुए नहीं रख सकते. इससे उनका ऑक्सीजन लेवल प्रभावित होता है. अस्पताल में दबाव बढ़ता है तो ऐसी स्थिति उत्पन्न होती है, लेकिन ये रोज नहीं होता है. मरीजों को 15 मिनट से आधा घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है.औरंगाबाद में बढ़ी ऑक्सीजन सिलिंडरों की मांग
महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में कोविड-19 मरीजों का उपचार करने के लिए ऑक्सीजन सिलिंडरों की मांग तीन गुणा तक बढ़ गई है. अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी. एक स्वास्थ्य अधिकारी ने पीटीआई-भाषा को बताया कि जिला प्रशासन ने यहां अस्पतालों में ऑक्सीजन भंडार क्षमता बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं और ठेकेदारों से काम बढ़ाने के लिए कहा है. एक अन्य अधिकारी ने बताया कि जिले में उपचार करा रहे कोविड-19 मरीजों की संख्या 15,341 तक पहुंच गई है और अस्पतालों और पृथकवास में रह रहे मरीजों के लिए भी ऑक्सीजन आपूर्ति की मांग बढ़ गई है. खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) के एक अधिकारी ने बताया, ‘‘14 मार्च को जिले में ऑक्सीजन का उपभोग 17.10 टन प्रतिदिन था. अब यह बढ़कर 49.50 टन प्रतिदिन हो गया है.’’

सरकार ने तय की कीमत
अधिकारी ने बताया कि सरकार ने ऑक्सीजन की एक कीमत तय कर दी है और इसकी आपूर्ति 15.22 रूपये प्रति क्यूबिक मीटर की दर से हो रही है, जो कि अभी सबसे ज्यादा है. पहले यह कीमत घट कर 12 रूपये हो गई थी क्योंकि मांग कम थी. एफडीए अधिकारियों ने बताया कि घरों में बड़ी संख्या में पृथकवास में रहने की सलाह दिए जाने के बाद अब घरों में ऑक्सीजन सिलिंडरों की मांग बढ़ गई है. उन्होंने बताया कि भले ही पृथकवास में रहने वाले मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत न पड़े लेकिन बहुत से ऐसे मरीज एहतियात के तौर पर इसे मंगवा रहे हैं.

घरों में भी बढ़ी मांग
स्थानीय आपूर्तिकर्ता अब्दुल हाकिम ने बताया कि इस साल जनवरी में वह अस्पतालों और घरों में करीब 200 ऑक्सीजन सिलिंडरों की आपूर्ति कर रहे थे. उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन अब मांग प्रति महीना 750 से 800 सिलिंडर तक की हो गई है. इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए हमें 24 घंटे अपना केंद्र खोलने की जरूरत है, जिससे हमारा खर्चा भी बढ़ गया है.’’









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