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बहू के तानों से परेशान कृषि विभाग के रिटायर्ड SDO ने खुद को मारी गोली, सुसाइड नोट में कही ये बात- Gwalior Retired SDO of Agriculture Department shoots himself with bullet of his daughter in law said this in a suicide note NODBK


इसके कारण अब जीना नहीं चाहता हूं. (सांकेतिक फोटो)

इसके कारण अब जीना नहीं चाहता हूं. (सांकेतिक फोटो)

पुलिस को मौके से रिटायर्ड SDO राजेंद्र सिंह का एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा है, ’30 सितंबर 2018 को रिटायर होने के बाद अभी तक एक दिन भी बहू ने कभी खाना परोसकर नहीं दिया.’

ग्वालियर. ग्वालियर (Gwalior) में बहू के तानों से परेशान कृषि विभाग के रिटायर्ड SDO ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर खुदकुशी (Suicide) कर ली. अफसर के कमरे से मिले सुसाइड नोट में बहू की प्रताड़ना का जिक्र लिखा है. बहोड़ापुर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है. वहीं, इस घटना से आसपास के इलाके में सनसनी फैल गई है.

बहोड़ापुर के विनय नगर सेक्टर-4 में रहने वाले 62 साल के राजेन्द्र सिंह राजपूत कृषि विभाग के SDO पद से रिटायर हुए थे. 2018 में छत्तीसगढ़ से रिटायरमेंट के बाद राजेंद्र सिंह ग्वालियर आ गए थे. उनके परिवार में पत्नी और दो बेटे हैं. बड़ा बेटा शिवपुरी में प्रोफेसर के तौर पर पदस्थ है. छोटा बेटा ग्वालियर में साथ ही रहता है. बड़े बेटे की शादी शिवपुरी निवासी  प्रीति सिंह के साथ हुई थी. शिवपुरी में रहने वाली बहू प्रीति अपने ससुर से संपत्ति को लेकर अनबन चल रही थी. प्रीति और उसके मायके वाले ग्वालियर के विनय नगर का मकान प्रीति के नाम कराना चाहते थे.

इसी झगड़े को लेकर राजेन्द्र सिंह परेशान चल रहे थे. मंगलवार को राजेंद्र ने चाय पी और अपने कमरे में चले गए. इसी दरमियान राजेन्द्र ने अलमारी से अपनी लाइसेंसी रायफल निकाली. और रायफल को गले में अड़कर खुद को गोली मार ली. गोली की आवाज सुनकर पत्नी और आसपास के लोग कमरे में पहुंचे, तो पलंग पर राजेन्द्र की लाश पड़ी थी. खबर लगते ही बहोड़ापुर थाना पुलिस और फोरेंसिक एक्सपर्ट डॉ. अखिलेश भार्गव मौके पर पहुंचे.

सुसाइड नोट में अफसर ने लिखी दास्तानपुलिस को मौके से रिटायर्ड SDO राजेंद्र सिंह के हवाले से लिखा गया एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें लिखा, ’30 सितंबर 2018 को रिटायर होने के बाद अभी तक एक दिन भी बहू ने कभी खाना परोसकर नहीं दिया. हमेशा बेइज्जत किया. मुझ पर चोरी का आरोप लगाया और दोगला कहा. हद तब हो गई, जब कल्लन सरपंच की बहू को मेरे सामने बेइज्जत किया. झूठे आरोप लगाते हुए फोटो सोशल मीडिया पर डाले. 3 जुलाई 2020 को बहू प्रीति और उसके पिता परिमाल सिंह, भाई प्रमोद उर्फ चिंटू और मनीष सिंह ने मेरे घर पर हमला बोल दिया. मुझसे मारपीट की. बहू ने शिवपुरी और ग्वालियर में झूठे मामले दर्ज कराए, जिससे मेरी सामाजिक हत्या हुई है. इसके कारण अब जीना नहीं चाहता हूं.’

 प्रॉपर्टी को लेकर परिवार में चल रहा था कलह
रिटायर्ड SDO राजेंद्र सिंह के नाम पर ग्वालियर के विनय नगर, डीडी नगर में मकान हैं. साथ ही दो जगह पर खेती की जमीन भी है. बहू प्रीति विनय नगर वाले मकान को अपने नाम कराने के लिए दबाव डाल रही थी. सुसाइड नोट में राजेंद्र ने लिखा है कि बहू और उसका पिता, भाई प्रॉपर्टी उसके नाम करने का दबाव बना रहे हैं. पुलिस को जानकारी मिली है कि जल्द ही मकान की रजिस्ट्री होने वाली थी. पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर मर्ग कायम कर लिया है. राजेंद्र के शव का PM कराया गया है। PM रिपोर्ट, सुसाइड नोट की फोरेंसिक और परिवार के बयानों के बाद पुलिस इस मामले की अगली कार्रवाई करेगी.








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