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बेंगलुरु एयरपोर्ट से जुड़ेगी मेट्राे! करीब 14,788 करोड़ की परियोजना को मिली मंजूरी


बेंगलुरु मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के 2ए और 2बी चरण को मंजूरी. (सांकेतिक तस्‍वीर)

बेंगलुरु मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के 2ए और 2बी चरण को मंजूरी. (सांकेतिक तस्‍वीर)

कोरोना संकट (Covid-19) के बीच मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मेट्राे के साथ ही तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड द्वारा कोयला गैसीकरण के माध्यम से उत्पादित यूरिया के लिए विशेष सब्सिडी नीति (Subsidy Policy) को भी मंजूरी दे दी गई. साथ ही बेंगलुरु मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के एक और चरण के लिए भी हरी झंडी दी गई.

नई दिल्ली. बेंगलुरु एयरपाेर्ट (Bangalore Airport) काे मेट्राे से जोड़ने के लिए 14,788 कराेड़ रुपये के मेट्राे रेल प्राेजेक्ट (Metro rail Project ) काे मंगलवार काे मंजूरी दे दी गई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की (Prime Minister Narendra Modi) अध्यक्षता में हुई बैठक में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बेंगलुरु मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के 2 और 2बी चरण को मंजूरी मिल गई. कोरोना संकट (Covid-19) के बीच मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मेट्राे के साथ ही तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड द्वारा कोयला गैसीकरण के माध्यम से उत्पादित यूरिया के लिए विशेष सब्सिडी नीति (Subsidy Policy) को भी मंजूरी दे दी गई और बेंगलुरु मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के एक और चरण के लिए भी हरी झंडी दी गई.

बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने डिजिटल माध्यम से पत्रकारों को बताया कि बेंगलुरू मेट्रो रेल प्रोजेक्ट का 2 चरण सेंट्रल सिल्क बोर्ड जंक्शन से केआर पुरम तक है, जबकि 2बी चरण केआर पुरम से हेब्बल जंक्शन होते हुए एयरपोर्ट तक है. इसकी कुल लंबाई 58.19 किलोमीटर है. उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर कुल 14,788.10 करोड़ रुपये की लागत आएगी.

परिवहन प्रणाली काे सुव्यवस्थित करेगी 

गोयल ने कहा कि प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन से बेंगलुरु को अति आवश्यक अतिरिक्त सार्वजनिक परिवहन बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा. एक सरकारी बयान में कहा गया कि यह परियोजना बेंगलुरु में शहरी परिवहन प्रणाली को सुव्यवस्थित करेगी, जो तेज विकास और निजी वाहनों की संख्या में वृद्धि होने से प्रभावित हुई है और भारी निर्माण के कारण परिवहन के बुनियादी ढांचे और औद्योगिक गतिविधियों पर जोर पड़ रहा है. 

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आरामदायक सार्वजनिक परिवहन 

बयान में आगे कहा गया है कि इस प्रोजेक्ट से लोगों को एक सुरक्षित, विश्वसनीय और आरामदायक सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होगा. बयान के अनुसार, परियोजना के तहत शहर की अन्य परिवहन प्रणालियों को एक साथ कुशल और प्रभावी तरीके से एकीकृत किया जाएगा जो डिजाइनिंग, प्रौद्योगिकी और संस्थागत प्रबंधन के नवीन तरीकों को अपनाकर ही संभव होगा. 

क्या है तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड

मेट्राे के साथ ही तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड द्वारा कोयला गैसीकरण के माध्यम से उत्पादित यूरिया के लिए विशेष सब्सिडी नीति (Subsidy Policy) को भी मंजूरी दे दी गई. यह  भारत का पहला कोलगैसीफिकेशन टेक्नोलॉजी आधारित फर्टिलाइजर प्लांट है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंतबर 2018 में तालचर फर्टिलाइजर प्लांट के रिवाईवल के लिए 13,000 करोड़ रुपये की लागत वाली परियोजना की आधारशिला रखी थी. प्लांट में पहली बार कोयले को गैस में तब्दील कर कच्चेमाल के रुप में इस्तेमाल कर और उससे नीम-लेपित यूरिया का उत्पादन किया जाता है. जिससे नेचुरल गैस और यूरिया के आयात में कटौती और भारत को इस फर्टिलाइजर के मामले में आत्म-निर्भर बनाने में मदद मिलेगी.









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