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बैंकों ने 5 साल में Stand-Up India लाभार्थियों को 25,586 करोड़ रुपये मंजूर किए


प्रतीकात्मक तस्वीर

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स्टैंड-अप इंडिया स्कीम (Stand-Up India Scheme की शुरुआत साल 2016 में हुई थी. स्टैंड-अप इंडिया स्‍कीम का मकसद महिलाओं और अनुसूचित जाति-अनुसूचित जाति के उद्यमियों की सहायता करना है.

नई दिल्ली. वित्त मंत्रालय (Finance Ministry) ने रविवार को कहा कि बैंकों ने पिछले 5 साल में महिलाओं और अनुसूचित जाति तथा जनजाति के बीच उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए स्टैंड-अप इंडिया स्कीम (Stand-Up India Scheme) के तहत लगभग 1,14,322 लाभार्थियों को 25,586 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं.

अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के लिए पांच अप्रैल 2016 को स्टैंड-अप इंडिया स्कीम शुरू की गई थी. इस योजना का उद्धेश्य आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान देते हुए जमीनी स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा देना है.

वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि इस योजना का विस्तार 2025 तक किया गया है और इसके तहत 10 लाख रुपये से एक करोड़ रुपये तक का ऋण पाया जा सकता है. बयान में बताया गया कि इस योजना के तहत सीधे बैंक से, स्टैंड-अप इंडिया पोर्टल से या लीड जिला प्रबंधक (एलडीएम) के माध्यम से ऋण हासिल किया जा सकता है.

क्‍या है स्टैंड-अप इंडिया स्‍कीम इस स्‍कीम की शुरुआत साल 2016 में हुई थी. स्टैंड-अप इंडिया स्‍कीम का मकसद महिलाओं और अनुसूचित जाति-अनुसूचित जाति के उद्यमियों की सहायता करना है. इस स्‍कीम के तहत 10 लाख रुपये से लेकर 1 करोड़ रुपये तक का लोन दिया जाता है.

स्कीम का लाभ लेने के लिए करें ये काम
योजना का लाभ लेने के लिए आप अपनी बैंक शाखा से संपर्क करें या standupmitra.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन भी कर सकते हैं. ऑनलाइन आवेदन करने के लिए आप इस वेबसाइट पर जब आप जाएं वहां बाएं तरफ ‘यहां आवेदन करें’ पर क्लिक करके आवेदन कर सकते हैं.









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