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भारतीय बाजारों में विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा, FPI ने मार्च में 17,304 करोड़ रुपये डाले


एफपीआई

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डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार एफपीआई (FPI) ने एक से 31 मार्च के दौरान शेयरों में 10,482 करोड़ रुपये और ऋण या बांड बाजार में 6,822 करोड़ रुपये का निवेश किया.

नई दिल्ली. विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी एफपीआई (Foreign Portfolio Investors) का भारतीय बाजारों में निवेश का सिलसिला मार्च में लगातार तीसरे महीने जारी रहा. मार्च में एफपीआई (FPI) ने भारतीय बाजारों में शुद्ध रूप से 17,304 करोड़ रुपये का निवेश किया.

एफपीआई ने फरवरी में भारतीय बाजारों में डाले थे 23,663 करोड़ रुपये 
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार एफपीआई ने एक से 31 मार्च के दौरान शेयरों में 10,482 करोड़ रुपये और ऋण या बांड बाजार में 6,822 करोड़ रुपये का निवेश किया. इस तरह उनका शुद्ध निवेश 17,304 करोड़ रुपये रहा. इससे पहले एफपीआई ने फरवरी में भारतीय बाजारों में शुद्ध रूप से 23,663 करोड़ रुपये और जनवरी में 14,649 करोड़ रुपये का निवेश किया था.

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ग्रो के को-फाउंडर और चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) हर्ष जैन ने कहा कि कोविड-19 संक्रमण के बढ़ते मामलों की वजह से भारतीय बाजारों में निवेश प्रभावित हो रहा है. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान टीकाकरण अभियान और अर्थव्यवस्था में सुधार की वजह से बाजार काफी हद तक स्थिर है.

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US द्वारा राहत पैकेज की घोषणा के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में अत्यधिक लिक्विडिटी
मॉर्निंगस्टार इंडिया के एसोसिएट डायरेक्‍टर- मैनेजर रिसर्च हिमांशु श्रीवास्तव ने कहा कि अमेरिका द्वारा 1,900 अरब डॉलर के महामारी राहत पैकेज की घोषणा के बाद वैश्विक वित्तीय बाजारों में अत्यधिक लिक्विडिटी है. इसका प्रवाह भारत जैसे उभरते बाजारों की ओर हो रहा है.

FY21 में सबसे ज्यादा एफपीआई पाने वाला देश बना
गौरतलब है कि भारत वित्त वर्ष 2020-21 (FY21) में सबसे अधिक एफपीआई  पाने वाला देश बनकर उभरा है और इस दौरान कुल अंतर्प्रवाह (Inflows) 2.6 लाख करोड़ रुपये रहा. विशेषज्ञों ने बताया कि वैश्विक बाजारों में कैश की अधिकता और तेजी से आर्थिक सुधारों की उम्मीद के चलते विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारत में सबसे अधिक निवेश किया.









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