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रेल मंत्री ने लिखा भावुक पत्र, अपनों को खोने का दुख कभी भुलाया नहीं जा सकता


नई दिल्ली. कोरोना महामारी में भारतीय रेलवे के समर्पण और कठिन प्रयासों की सराहना करते हुए केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेल परिवार के नाम एक भावुक और प्रोत्साहित करने वाला पत्र लिखा है. मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि कोविड वर्ष में अपने धैर्य और निष्ठा का परिचय देते हुए करीब सभी रिकॉर्ड को तोड़ने का काम किया है जिसके लिए रेल परिवार का धन्यवाद.

पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कहा कि महामारी के दौरान, हमारे रेल परिवार ने खुद को राष्ट्र की सेवा में समर्पित किया है. जब पूरा विश्व ठहर गया था, तब रेल कर्मचारियों ने एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली और व्यक्तिगत जोखिम उठाते हुए पहले से ज्यादा परिश्रम करते रहे ताकि अर्थव्यवस्था के पहियों को चालू रखा जा सके.

रेल परिवार को लिखते समय, रेल, वाणिज्य और उद्योग और उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि मैं बहुत गर्व, संतुष्टि और कृतज्ञता के साथ आपको सूचित कर रहा हूँ कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) के दूरदर्शी नेतृत्व में एक और वित्तीय वर्ष का समापन हो रहा है.

पिछले वर्ष जैसा अनुभव हम सब ने पहले कभी नहीं किया है. अपनों के खोने के दुःख को कभी भुलाया नहीं जा सकता है. लेकिन आपका धैर्य और संकल्प ही है जिसने इस अभूतपूर्व कोविड महामारी (Covid Pandemic) पर विजय प्राप्त किया है.पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कहा कि महामारी के दौरान, हमारे रेल परिवार ने खुद को राष्ट्र की सेवा में समर्पित किया है. जब पूरा विश्व ठहर गया था, तब रेल कर्मचारियों ने एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली और व्यक्तिगत जोखिम उठाते हुए पहले से ज्यादा परिश्रम करते रहे ताकि अर्थव्यवस्था के पहियों को चालू रखा जा सके.

आपकी प्रतिबद्धता के कारण, हमने पूरे देश में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की, चाहे वह बिजली संयंत्रों के लिए कोयला हो, किसानों के लिए खाद हो या उपभोक्ताओं के लिए खाद्यान्न हो. देश कोविड के खिलाफ हमारी सामूहिक लड़ाई में हमेशा आपके योगदान को याद रखेगा. आपकी प्रबल इच्छाशक्ति की वजह से, हमने इस संकट को एक अवसर में बदल दिया.

पीयूष गोयल ने कहा कि 4,621 श्रमिक स्पेशल ट्रेनों के माध्यम से 63 लाख से अधिक फंसे हुए नागरिकों को उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाया गया. लॉकडाउन के समय कई सारे प्रतिबंधों के बावजूद, 370 सुरक्षा और बुनियादी ढांचे से संबंधित प्रमुख काम संपन्न किये गए. किसान रेल सेवा हमारे अन्नदाताओं को बड़े बाजारों से जोड़ने का माध्यम बनी. आपने अपनी सेवा के माध्यम से इसे संभव बनाया और बदले में लाखों लोगों के दिलों और जीवन को छुआ.

गोयल ने लिखा कि यह मेरे लिए बहुत गर्व की बात है कि रेलवे ने अपने कार्यों के माध्यम से आर्थिक रिकवरी की अगुवाई की है. 1,233 मिलियन टन माल की ढुलाई की गई, जो किसी भी वर्ष की तुलना में सबसे अधिक है. पिछले वित्तीय वर्ष में 6,015 RKM रेल विद्युतीकरण का कार्य सम्पन्न हुआ है.

जैसा कि कहा जाता है कि, “रिकॉर्ड टूटने के लिए होते हैं” और भारतीय रेल (Indian Rail) से बेहतर यह कोई भी नहीं कर सकता है. आज, रेलवे ग्राहक-केंद्रित है और अपनी गति में सुधार के साथ-साथ परिचालन दक्षता के लिए कई कदम उठा रही है.

इसका परिणाम भी दिख रहा है, क्योंकि मालगाड़ियों की औसत गति लगभग दोगुनी होकर 44 किलोमीटर प्रति घंटा हो गई है. यात्री ट्रेनों की समयनिष्ठा 96% के स्तर पर बनाई रखी गई है. गत दो वर्षों में यात्री मृत्यु दर शून्य रही और रेल दुर्घटनाओं में भी भारी कमी आई है.

पीयूष गोयल ने रेल परिवार धन्यवाद देते हुए लिखा कि आपके समर्पण और शानदार प्रयासों के लिए मैं आपको धन्यवाद देता हूं. मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि इस प्रेरित टीम के साथ हम लगातार रिकॉर्ड तोड़ते रहेंगे, बड़े लक्ष्य हासिल करेंगे, अपने प्रदर्शन से दूसरों के लिए उदाहरण बनेंगे और भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान देंगे.





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