Breaking News

CM ममता का PM मोदी को पत्र, कहा- ऑक्सीजन प्लांट्स का निष्पक्षता से आवंटन कराएं


ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है (Pic- ANI)

ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखी है (Pic- ANI)

Mamata Letter to Modi: ममता बनर्जी ने कहा कि पिछले कुछ समय से केंद्र सरकार, राज्य सरकारों को पीएसए देने पर विचार कर रही है लेकिन किसी तरह के फैसले पर नहीं पहुंच पा रही है. प्राथमिकताएं बार-बार बदली जा रही हैं

कोलकाता. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (WB’s CM Mamata Banerjee) ने पीएसए (Pressure Swing Adsorption) ऑक्सीजन प्लांट के संदर्भ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को चिट्ठी लिखी है. ममता ने अपने पत्र में प्लांट्स के आवंटन के संबंध में शिकायत की है. ममता ने लिखा, “हमें बताया गया था कि हमें 70 पीएसएस प्लांट मिलेंगे, लेकिन अब कहा जा रहा है कि पहले चरण में हमें चार ही प्लांट मिलेंगे और बाकी के प्लांट के बारे में कुछ भी स्पष्ट तौर पर नहीं बताया जा रहा है.” चिट्ठी में आगे लिखा गया है – केंद्र सरकार के इस डांवाडोल रवैये की वजह से सहायक पीएसएस लगाने की राज्य की योजना और हमारे फंड पर भी असर पड़ रहा है.  बनर्जी ने पत्र में कहा है, ‘‘केंद्र राज्यों में अस्पतालों को पीएसए संयंत्रों की आपूर्ति करने पर विचार कर रहा है. प्राथमिकताओं में बार-बार बदलाव हो रहा है, क्रियान्वयन करने वाली एजेंसियों का रुख भी बदल रहा है, पश्चिम बंगाल के लिए निर्धारित कोटे में भी लगातार संशोधन कर इसे कम किया जा रहा.’’ ये भी पढ़ें- ऑक्सीजन कंसंट्रेटर जमाखोरी : नवनीत कालरा को दिल्ली हाईकोर्ट से भी राहत नहीं बनर्जी ने कहा, ‘‘मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि प्राथमिकता के साथ क्रियान्वयन करने वाली एजेंसियों की जिम्मेदारी तय कर और उचित, पारदर्शी तथा निष्पक्षता से कोटा निर्धारित करें. दिल्ली में दुविधा की स्थिति के कारण राज्य की एजेंसियों द्वारा पीएसए संयंत्र लगाने की पूरक योजनाओं पर भी असर पड़ रहा है.’’ममता बोलीं- तय करें प्राथमिकताएं बता दें कि पीएसए वह उपकरण हैं जिससे हवा के जरिए ऑक्सीजन तैयार की जा सकती है और अस्पतालों में ये कारगर साबित होती है. बनर्जी ने कहा कि पिछले कुछ समय से केंद्र सरकार, राज्य सरकारों को पीएसए देने पर विचार कर रही है लेकिन किसी तरह के फैसले पर नहीं पहुंच पा रही है. प्राथमिकताएं बार-बार बदली जा रही हैं, डीआरडीओ और एनएचएआई जैसी एजेंसी में बार बार उठापटक मची है और पश्चिम बंगाल का बजट बार बार कम और कम किया जा रहा है.

बनर्जी ने सरकार से निवेदन किया है कि वह जल्दी ही अपनी प्राथमिकताएं तय करें और कोविड संबंधित सुविधाओं को लेकर उचित और पक्षपातहीन तरीके से कदम उठाएं.









Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *