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The bodies of 12 soldiers martyred in Bijapur Naxalite attack brought to Jagdalpur, will be given guard of honor here


बीजापुर नक्सल अटैक में शहीद हुए जवानों के शव हेलीकॉप्टर से जगदलपुर लाए गए हैं.

बीजापुर नक्सल अटैक में शहीद हुए जवानों के शव हेलीकॉप्टर से जगदलपुर लाए गए हैं.

छत्तीसगढ़ में सुकमा और बीजापुर की सीमा पर स्थित जंगलों में नक्सलियों के साथ हुई मुठभेड़ में शहीद हुए 22 जवानों का बदला लेने के लिए CRPF बड़ी रणनीति पर विचार कर रही है.

जगदलपुर. एक तरफ अपने जवानों के शव और दूसरी तरफ लगातार बिगड़ता मौसम. छत्तीसगढ़ में सुकमा और बीजापुर की सीमा पर स्थित जंगलों में सुरक्षा बलों और नक्सलियों की मुठभेड़ के बाद 22 जवान शहीद हो गए और कई घायल हुए. हमारे जवानों के शवों को वापस लाने और घायलों को मदद पहुंचाने के लिए वायुसेना के हेलिकॉप्टर लगातार लगे हैं. लेकिन अब सबसे बड़ी परेशानी है कि लगातार मौसम खराब हो रहा है. पहले धूल भरी आंधी ने हेलिकॉप्टरों के उड़ान भरने में रोड़ा अटकाया और उसके बाद तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने ऑपरेशन को रोक सा दिया. लेकिन ‌इन हालातों में भी जवानों ने अपने साथियों को वापस लाने की ठान ली और ऐसे हालातों में भी वे लगातार शहीदों और घायलों को जगदलपुर तक लाने में जुटे रहे. हालांकि कुछ समय ऐसा भी आया जब हेलिकॉप्टर खराब मौसम के चलते उड़ान नहीं भर सके.

शहीद जवानों के शवों को जगदलपुर लाया जा रहा है. इनमें 12 जवानों के शव सेना के हेलीकॉप्टर MI-17 से जगदलपुर एयरपोर्ट पर लाया गया. यहां से 5 एम्बुलेंस के जरिये शहीद जवानों के शवों को डिमरापाल मेडिकल कालेज लाया गया है. यहां पर पोस्टमार्टम के बाद गॉर्ड आफ आनर दिया जाएगा और देर शाम ही शहीदों के शव उनके गृहग्राम भेजे जाएंगे.

घायल जवानों को लाया गया रायपुर

इसके साथ ही नक्सली हमले में जख्मी बलविंदर सिंह सीआरपीएफ,सोनू मंडावी एसटीएफ, बसंत झड़ी डीआरजी, लक्ष्मण हेमला डीआरजी, भास्कर यादव एसटीएफ, सूर्यभान सिंह सीआरपीएफ, गंभीर रूप से घायल जवानों को रायपुर लाया गया है.

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पहली मुठभेड़ जिस गांव में हुई, वहां का नजारा दहलाने वाला

बता दें कि बीजापुर में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 22 जवान शहीद हो चुके हैं.  इसकी पुष्टि पुलिस कर चुकी है. अब भी एक जवान लापता बताया जा रहा है. घटनास्थल पर पहुंची न्यूज 18 की टीम ने जो दृश्य देखे, वह दिल को दहला देने वाले हैं. नक्सलियों से सुरक्षा बलों की पहली मुठभेड़ बीजापुर और सुकमा की सीमा पर स्थित टेकुलगुड़ा गांव में हुई थी. यहां पर कई जवान शहीद हुए और साथ ही कई नक्सली भी मारे गए. गांव में अलग-अलग जगहों पर सुरक्षा बलों के शव मिले हैं. शर्मनाक बात यह है कि नक्सली उन जवानों के मृत देह से कपड़े और जूते तक निकाल ले गए हैं.

नक्सलियों को नेस्तानाबूत करने की कार्रवाई होगी : CRPF  

घटना के 24 घंटे बाद मुठभेड़ में शहीद हुए जवानों के शव बरामद किए जा सके हैं. नक्सलियों के मंसूबे किस कदर खतरनाक थे, यह मुठभेड़ के बाद बरामद जवानों के शव देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है. अब सीआरपीएफ ने नक्सलियों को मुंहतोड़ जवाब देने की रणनीति बना रही है. बीजापुर मुठभेड़ को लेकर मीडिया के साथ बातचीत के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के डीजी ने यह संकेत दिया है. डीजी कुलदीप सिंह ने कहा कि माओवादियों को लेकर बड़ी रणनीति बना रहे हैं.

CRPF के डीजी कुलदीप सिंह ने कहा कि बीजापुर मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों की ओर से माओवादियों को करारा जवाब दिया जाएगा. माओवादियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस उनकी मांद में घुसेगी और बड़ी कार्रवाई करेगी. सीआरपीएफ के डीजी ने कहा कि जमीन से लेकर आसमान तक की कार्रवाई कर माओवादियों को नेस्तनाबूत करने तक यह ऑपरेशन चलेगा.









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