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The most wanted Hidma is the mastermind of the Bijapur attack, the force was confronted by its platoon.


छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले का मास्टरमाइंड है हिड़मा नक्सली.

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुए नक्सली हमले का मास्टरमाइंड है हिड़मा नक्सली.

छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुये नक्सली हमले का मास्टर माइंड नक्सली हिड़मा है. माओवादी नेता रमन्ना की मौत के बाद दुर्दांत हिड़मा नक्सली से निपटना पड़ेगा. क्योंकि नक्सली हमलों की योजना बनाने और उसे अंजाम देने की कमान अब हिड़मा को दे दी गई है.


  • Last Updated:
    April 4, 2021, 5:30 PM IST

जगदलपुर. छत्तीसगढ़ के बीजापुर में हुये नक्सली हमले (Naxalite attacks in Bijapur) का मास्टर माइंड मोस्ट वांटेड नक्सली हिड़मा (Hidma- the mastermind of Bijapur attack) है. पुलिस के खुफिया विभाग और नक्सल विरोधी ऑपरेशन में शामिल वरिष्ठ अफसरों की मानें तो मोस्ट वांटेड माओवादी नेता रमन्ना (जिसके सिर पर 1.4 करोड़ रुपए का इनाम था) की मौत के बाद सुरक्षा बलों को अब उससे भी ज्यादा क्रूर और दुर्दांत नक्सली हिडमा से निपटना पड़ेगा. क्योंकि अब नक्सली हमलों की योजना बनाने और उसे अंजाम देने की कमान हिड़मा को दे दी गई है. लिहाजा हिड़मा का रमन्ना की जगह लेना नक्सल विरोधी अभियान में लगे अन्य सुरक्षाबलों के लिए अच्छी खबर नहीं थी.

इसलिए सुरक्षा बल लगातार हिड़मा को ढूढ़कर खत्म करने की कोशिश कर रहे थे, मगर फोर्स को अभी तक सफलता नहीं मिल पाई है. कल हुई घटना में भी हिड़मा की तर्रेम इलाके में होने जानकारी पर ऑपरेशन लॉन्च किया गया था. मगर इसमें फोर्स को सफलता नहीं मिल पाई, बल्कि जवानों का हिड़मा की प्लाटून कंपनी से आमना-सामना हो गया है, जिसमें सुरक्षा बल के जवान फंस गए.

हिड़मा पर 50 लाख का इनाम

नक्सल विरोधी अभियानों में तैनात वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीपीआई (माओवादी) केंद्रीय समिति ने हिडमा को स्पेशल जोनल कमेटी (डीकेएसजेसी) का प्रमुख बनाया और हिडमा को छत्तीसगढ़ के पूरे माओवादी बेल्ट में सुरक्षा बलों के खिलाफ हमलों की योजना बनाने और उसे अंजाम देने सैन्य कार्रवाई का जिम्मा सौंपा गया है, हिड़मा पर छतीसगढ़ पुलिस से 50 लाख का इनाम रखा है. कल हुई घटना में नक्सली टीसीओसी यानी टैक्टिकल काउंटर ऑफेंसिव कैम्पेन (TCOC) के तहत यह हमला किया है. जिसमें उनका मकसद होता है कि ज्यादा से ज्यादा सुरक्षा बलों पर हमला कर उन्हें नुकसान पहुंचायें.

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TCOC कैम्पेन के तहत किया गया बड़ा हमला 

बता दें की फरवरी से लेकर मई के आखिरी हप्ते तक हर साल माओवादी संगठन टीसीओसी कैम्पेन चलाते हैं. कल का हमला उसी का हिस्सा है. क्योंकि हर साल मार्च से लेकर अप्रैल मई के अंतिम सप्ताह में माओवादी बड़ा हमला करते हैं. कल हुए इस हमले में 22 जवान शहीद हो गए हैं तो वहीं 31 जवान घायल है जिसमें से सात जवानों की हालत गंभीर है. इसके अलावा जानकारी है एक जवान लापता है जिसे खोजा जा रहा है. कल हुए हमले के बाद जहां सुरक्षा महकमा बडी रणनीति की तैयारी में है. वहीं नक्सल संगठन में भी खलबली मची हुई है क्योंकि खबर है कि उन्हें भी कई बडे कमांडर इस मुठभेड में मारे गए हैं.









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