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Yoga Session: बॉडी रहेगी हेल्दी, स्ट्रेस रहेगा दूर, करें सूर्य नमस्कार


Yoga Session: आज रविवार है यानी कि सूर्यदेव का दिन. रविवार के लिए सूर्य नमस्कार करने पर विशेष फायदा होता है. आज के लाइव योग सेशन (Live Yoga Session) में हमने इंजन दौड़, कदमताल और सूर्य नमस्कार से लेकर छोटे-छोटे कई अभ्यासों को करने के बारे में बताया और दिखाया गया. इन अभ्यासों को करने से न केवल मनुष्य स्वस्थ (Healthy) रह सकता है बल्कि उसे हर प्रकार के तनाव (Stress) से भी मुक्ति मिलती है. योग एक कला है और इसका अभ्यास धीरे-धीरे करना चाहिए. आप इसमें एक दिन में निपुण नहीं बन सकते.

इंजन दौड़: इंजन दौड़ योग-स्टीम इंजन की तरह होती है. जैसे स्टीम इंजन चलते हुए छुक छुक की आवाज करता है, उसी तरह इस क्रिया को करते हुए सांस की आवाज निकलती है. इसमें, हाथों और पैरों को चलाना पड़ता है. इंजन क्रिया से फेफड़ों का विकास होता है. फेफड़ों में ताज़ा हवा जाती है. इसके अलावा, नाड़ियों का भी अत्यंत तेजी से विकास होता है.इंजन क्रिया मोटापा दूर करने के लिए अच्छा योग माना जाता है. इसे करने से पेट, कमर, जांघों आदि की चर्बी कम होने लगती है. यह क्रिया दौड़ का अभ्यास करने वाले लोगों को काफी फायदा पहुंचाती है.

सूर्य नमस्कार : सूर्य नमस्कार करने से स्ट्रेस दूर होता है, बॉडी डिटॉक्स होती है और मोटापा घटता है. जिन महिलाओं को मासिक धर्म की समस्या है यह उनके लिए काफी लाभकारी होता है. रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है. सूर्य नमस्कार ऐसा योग है जो आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है. पर सूर्य नमस्कार को करने का सही तरीका बहुत कम लोग जानते हैं.इसे भी पढ़ें: बॉडी होगी लचीली, वजन होगा कम, करें इन योगासनों का अभ्यास

प्रणाम आसन: दोनों पंजे जोड़कर अपने आसन मैट के किनारे पर खड़े हो जाएं. फिर दोनों हाथों को कंधे के समान्तर उठाएं और पूरा वजन दोनों पैरों पर समान रूप से डालें. दोनों हथेलियों के पृष्ठभाग एक दूसरे से चिपकाए रहें और नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएं.

हस्ततुन्नासन:  गहरी सांस भरें और दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं. अब हाथ और कमर को झुकाते हुए दोनों भुजाओं और गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएं.

हस्तपाद आसन: बाहर की तरफ सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की तरफ नीचे की ओर झुकें. अपने दोनों हाथों को कानों के पास से घुमाते हुए ज़मीन को छूएं.

अश्व संचालन आसन:  अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रखें, सांस लेते हुए दाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाएं और बाएं पैर को घुटने की तरफ से मोड़ते हुए ऊपर रखें. गर्दन को ऊपर की तरफ उठाएं और कुछ देर इसी स्थिती में रहें.

पर्वत आसन:  सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ ज़मीन पर सीधे रखें.

अष्टांग नमस्कार: इस आसन को करते वक्त अपने दोनों घुटने ज़मीन पर टिकाएं और सांस छोड़ें. अपने कूल्हों को पीछे ऊपर की ओर उठाएं और अपनी छाती और ठुड्डी को ज़मीन से छुआएं और कुछ देर इसी स्थिति में रहें.

भुजंग आसन: इस आसन को करते वक्त धीरे-धीरे अपनी सांस छोड़ते हुए छाती को आगे की और ले जाएं. हाथों को ज़मीन पर सीधा रखें. गर्दन पीछे की ओर झुकाएं और दोनों पंजों को सीधा खड़ा रखें.

शवासन:
मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं और आंखें मूंद लीजिए. पैरों को आराम की मुद्रा में हल्का खोल कर रखें. पैर के तलवे और उंगलियां ऊपर की तरफ होनी चाहिए. हाथों को बगल में रखकर हथेलियों को ऊपर की तरफ खोलकर रखें. पैर से लेकर शरीर के हर भाग पर ध्यान केंद्रित करते हुए धीरे-धीरे सांस अन्दर बाहर करें. धीरे धीरे इसे कम करें. जब शरीर में राहत महसूस हो तो आंखों को बंद करके ही थोड़ी देर उसी मुद्रा में आराम करें.

ये लोग सूर्य नमस्कार न करें:
अगर आपको पीठ का दर्द रहता है तो सूर्य नमस्कार करने से पहले स्पेशलिस्ट की सलाह लें.
महिलाएं पीरियड के दौरान सूर्य नमस्कार ना करें.





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